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किरोड़ी कुंड धाम लक्ष्मणगढ़ अलवर के बारे में

Kirodi Kund Dham Laxmangarh, Alwar, Rajasthan Information In Hindi

किरोड़ी कुंड धाम राजस्थान के अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के खेड़ा सारंगपुरी गांव में स्थित है जिसकी पंचायत समिति कठूमर और लोकसभा क्षेत्र भरतपुर पड़ता है। 

मंदिर खेड़ा सारंगपुरी में है जिसके एक तरफ गांव जांगरू दूसरी तरफ अडोली है यह अरावली पर्वतमाला के बीच में शानदार दृश्य देता है। 

यहां पर दो कुंड है और चौमासे के मौसम में यहां प्राकृतिक झरने और हरियाली यहां की सोभा बढ़ाते है। 

किरोड़ी कुंड धाम
किरोड़ी कुंड धाम खेड़ा सारंगपुरी 

मंदिर जाने का रास्ता 

मंदिर जाने के लिए आप अलवर से लक्ष्मणगढ़ तहसील और वहां से फिर लक्ष्मणगढ़ कठूमर मार्ग पर चले उसके बाद गोपालपुरा से लक्ष्मणगढ़ जटवाड़ा मार्ग पर चले और खेड़ा सारंगपुरी में स्थित कुटिया पर पहुंचे। 

कुटिया पर एक टंकी बनी हुई है वहां से आपको पहाड़ की तरफ रोड दिखेगा उसपर चलना है और वहां पे बीच में आपको एक बांध मिलेगा जिसमें बरसात के समय बहुत पानी रहता है वहां तैराकी करने की कोशिश ना करें आगे चलें। 

अब आपको एक नला यानी प्राकृतिक नाला है जो पहाड़ के पानी को बांध तक पहुंचाता है और नाले से आगे की पक्का रोड शुरू हो जाता है जो अब काफी हद तक टूट चुका है। 

अब आपको रास्ते में भेरू बाबा का एक पत्थर मिलेगा जो काफी बड़ा है जिसकी फोटो आप नीचे देख सकते है। 

किरोड़ी कुंड के रास्ते में स्थित भेरू बाबा 

किरोड़ी कुंड में स्थित गुफा 

अगर आप भेरू बाबा के पास खड़े होकर अपने बाएं हाथ की तरफ पहाड़ पर देखेंगे तो आपको एक गुफा नजर आएगी जब आप ऊपर चढ़ेंगे तो वहां पर दो गुफाएं है कहा जाता है कि वहां गुफा वाला बाबा रहते है। 

माना जाता है कि इस गुफा को आजतक कोई पूरी नहीं देख सका है इसका दूसरा दरवाजा मान्यताओं के अनुसार टोडा में खुलता है। गुफा का फोटो आप नीचे देख सकते है। 

किरोड़ी कुंड में स्थित गुफा 

किरोड़ी कुंड में और क्या क्या है 

उसके बाद आप ऊपर जाएंगे तो आपको देवी मैया का चौतरा मिलेगा उसके ऊपर जाने के बाद एक धर्मशाला है जिसमें लोग मंगलवार और शनिवार को चूरमा करने आते है और इसी धर्मशाला में रुकते है। 

धर्मशाला के सामने ही साफ पानी का नाहर कुंड है जिसमें अब चूड़ियां गिरा दी है पहले माना जाता था कि यहां पर नाहर पानी पीने आता था। 

ऊपर ऊपर आप जाएंगे तो आपको छोटा कुंड दिखेगा जिसकी गहराई 6 फिट से लेकर 7 फिट तक है बिना तैरने वाले यहां डूब भी सकते है तो सावधानी बरतें। 

छोटे कुंड की फोटो आप नीचे देख सकते है। 

छोटा कुंड 

ऊपर एक बड़ा कुंड है जिसका पानी पीने के लिए काम में लिया जाता है इसकी गहराई का कोई अंदाज नहीं है इसके ऊपर टीन शेड लगाई गई है। 

इसकी फोटो भी आप नीचे देख सकते हैं। 

किरोड़ी कुंड के बड़े कुंड का गेट
किरोड़ी कुंड में बड़ा कुंड 

इसके बाद आप यहां पर स्थित समाधियां देख सकते है जिनकी फोटो नीचे है। 

किरोड़ी कुंड में स्थित समाधियां

किरोड़ी कुंड में स्थित समाधियां 

और इसके बाद यहां पर शिव मंदिर भी है और हनुमान जी के लिए यह धाम सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, उनका भी मंदिर यहां पर है। 

किरोड़ी कुंड में शिवजी का मंदिर

किरोड़ी कुंड में हनुमान जी का मंदिर

इसके बाद आप यहां अंदर मंदिर में छंगा दास बाबा की मूर्ति और ठाकुर जी महाराज श्रीराम, लक्ष्मण और सीता जी की मूर्ति देख सकते है। 

किरोड़ी कुंड में मुख्य मंदिर

किरोड़ी कुंड के मुख्य मंदिर में स्थित छंगा दास बाबा की मूर्ति

किरोड़ी कुंड के मुख्य मंदिर में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता माता की मूर्ति

उसके बाद आप ऊपर सिंहासन देख सकते है जो बहुत प्राचीन है। 

किरोड़ी कुंड मंदिर में स्थित सिंहासन

इसके बाद आप यहां रहने वाली मुख्य साध्वी का धूना और उनको देख सकते जिनकी फोटो नीचे लगाई गई है। ये साध्वी जी अन्न ग्रहण नहीं करती है ये फलाहार पर जीवित है इसलिए जानें वाले भक्तों से प्रार्थना है कि वहां जाते समय फल लेकर जाएं। 

किरोड़ी कुंड मंदिर में मुख्य साध्वी

यहां पर सोलर पैनल लगाए गए है जिनसे मंदिर में लाइट की व्यवस्था की गई है और इनके अलावा आप नाले और पहाड़ों की सुंदरता यहां देख सकते है। 









किरोड़ी कुंड मंदिर के बारे में कहानियां और इतिहास

माना जाता है कि यह मंदिर 700 वर्ष पुराना है यहां पर राजपूत राजाओं की शिकारगाह हुआ करती थी उन्होंने ही यहां पानी की आवक को देखकर पहाड़ों के बीच इस मंदिर का निर्माण करवाया। 

कई मान्यताएं ऐसी है जो कहती है इस मंदिर और कुंडों का निर्माण एक ही रात में किया गया था। 

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